Gita Press – Sunderkand Mool (Code-1583)
“सुंदरकाण्ड मूल” (कोड-1583) गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित एक लोकप्रिय और प्रामाणिक पुस्तक है, जिसमें केवल सुंदरकाण्ड का शुद्ध मूल पाठ दिया गया है। यह पाठ Ramcharitmanas से लिया गया है, जिसकी रचना Tulsidas जी ने की थी।
📖 पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
🔹 केवल मूल पाठ – इसमें सुंदरकाण्ड का शुद्ध अविकल पाठ (दोहा, चौपाई, सोरठा आदि) दिया गया है।
🔹 सरल एवं स्पष्ट छपाई – दैनिक पाठ और सामूहिक पाठ (पारायण) के लिए उपयुक्त।
🔹 पॉकेट या लघु आकार (अधिकांश संस्करणों में) – साथ रखने में सुविधा।
🔹 विश्वसनीय पाठ-संपादन – गीता प्रेस की पारंपरिक शुद्धता के साथ।
🌸 सुंदरकाण्ड का आध्यात्मिक महत्व
सुंदरकाण्ड में मुख्य रूप से:
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श्री हनुमान जी का लंका गमन
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माता सीता की खोज
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अशोक वाटिका प्रसंग
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लंका दहन
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श्रीराम के प्रति अखंड भक्ति
हिन्दू परंपरा में सुंदरकाण्ड का पाठ:
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संकट निवारण
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साहस और आत्मबल की वृद्धि
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मनोकामना पूर्ति
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मानसिक शांति
के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
📌 किसके लिए उपयुक्त?
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दैनिक सुंदरकाण्ड पाठ करने वाले भक्त
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मंगलवार/शनिवार पारायण करने वाले साधक
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हनुमान भक्त
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मंदिरों या सामूहिक पाठ हेतु



























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