🌸 पूज्य प्रेमानंद जी महाराज जन्मोत्सव 2026
श्री हित राधा केली कुंज, वृंदावन में दिव्य प्रादुर्भाव महोत्सव
वृंदावन की पावन भूमि पर स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का पावन जन्मोत्सव 16 मार्च के उपलक्ष्य में 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी “श्री हित राधा केलि कुंज परिकर” द्वारा भव्य रूप से संपन्न होगा।
यह केवल एक जन्मोत्सव नहीं, बल्कि गुरु-प्रेम, भगवद्-रस और दिव्य कृपा का अनुपम संगम है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सहभागी बनते हैं।
🌺 उत्सव का आध्यात्मिक स्वरूप
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आश्रम परिसर भजन, नाम-संकीर्तन और सत्संग की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान रहेगा। भक्तजन पूज्य महाराज जी के दर्शन एवं पादुका पूजन का लाभ प्राप्त करेंगे। वातावरण पूर्णतः रसमय, भक्तिमय और भावपूर्ण होगा।
विशेष रूप से 13 से 16 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का समय निर्धारित रहेगा, तथा प्रतिदिन प्रातः और सायं सत्रों में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
📖 दैनिक कार्यक्रम की झलक
🔸 13 मार्च 2026
प्रातः सत्र (04:30 – 08:30 बजे)
- भक्त नामार्चन
- नाम संकीर्तन
08:30 – 09:30 बजे
- पूज्य महाराज जी के दर्शन एवं पादुका पूजन
भक्तमाल कथा
- पूज्य श्री बिहारी दास जी भक्तमाली (शरणागत आश्रम, वृंदावन)
सायं सत्र (06:00 – 09:00 बजे)
- दिव्य रासलीला
🔸 14 मार्च से 19 मार्च 2026 तक
प्रातः सत्र (05:30 – 08:30 बजे)
- नाम संकीर्तन
- दर्शन एवं पादुका पूजन
भक्तमाल कथा
- पूज्य श्री बिहारी दास जी भक्तमाली
सायं सत्र (06:00 – 09:00 बजे)
- दिव्य रासलीला
🌼 श्री हरिवंश विशेष सत्र
इस वर्ष का विशेष आकर्षण रहेगा –
श्रीहित हरिवंशचंद्र जू महाराज का पावन चरितामृत वर्षण
जिसका वाचन श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर श्री स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
विशेष तिथियाँ:
- 17 मार्च (मंगलवार) – अपराह्न 3 से 6 बजे
- 18 मार्च (बुधवार) – अपराह्न 2 से 6 बजे
- 19 मार्च (गुरुवार) – अपराह्न 2 से 6 बजे
🌍 प्रदेशवार सहभागिता दिवस
आयोजन को सुव्यवस्थित रखने हेतु विभिन्न राज्यों के लिए निर्धारित तिथियाँ रखी गई हैं:
- 13 मार्च – हरियाणा, एनआरआई, कर्नाटक
- 14 मार्च – दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, केरल
- 15 मार्च – पंजाब, मध्य प्रदेश, झारखंड
- 16 मार्च – उत्तर प्रदेश (ब्रज क्षेत्र, आगरा, अलीगढ़ को छोड़कर)
- 17 मार्च – बिहार, हिमाचल, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम, तेलंगाना
- 18 मार्च – उत्तर प्रदेश (ब्रज, आगरा, अलीगढ़), उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गोवा
- 19 मार्च – विरक्त परिकर एवं वृंदावनवासी शिष्य परिकर
🕉 मुख्य विवरण
- स्थान: श्री हित राधा केली कुंज, वृंदावन
- अवधि: 13 मार्च – 19 मार्च 2026
- दर्शन समय: प्रातःकाल से (भीड़ के अनुसार व्यवस्था)
- विशेष आकर्षण: भजन मार्ग के अंतर्गत भगवत चर्चा एवं सत्संग
⚠ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सूचना
जन्मोत्सव के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना है। अतः कृपया आश्रम के नियमों का पालन करें तथा दर्शन हेतु टोकन व्यवस्था का सम्मान करें।
ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने हेतु आश्रम की आधिकारिक वेबसाइट “राधा केली कुंज” तथा “भजन मार्ग” यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी कार्यक्रम का लाभ लिया जा सकता है।
✨ निष्कर्ष
पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का जन्मोत्सव केवल एक तिथि नहीं, बल्कि गुरु-भक्ति, प्रेम और दिव्य चेतना का महापर्व है। यह उत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उन्नति, आंतरिक शांति और दिव्य आनंद का अनुभव कराता है। वृंदावन की पावन रज में आयोजित यह महोत्सव निश्चित ही प्रत्येक भक्त के जीवन में अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।
❓ प्रश्न 1: पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का जन्मोत्सव कब मनाया जाएगा?
उत्तर: पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का जन्मोत्सव 16 मार्च के उपलक्ष्य में 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा।
❓ प्रश्न 2: यह जन्मोत्सव कहाँ आयोजित होगा?
उत्तर: यह पावन आयोजन वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में आयोजित किया जाएगा।
❓ प्रश्न 3: जन्मोत्सव के दौरान मुख्य कार्यक्रम क्या होंगे?
उत्तर: जन्मोत्सव के दौरान नाम संकीर्तन, भक्त नामार्चन, महाराज जी के दर्शन, पादुका पूजन, भक्तमाल कथा एवं दिव्य रासलीला का आयोजन होगा।
❓ प्रश्न 4: भक्तमाल कथा किसके द्वारा सुनाई जाएगी?
उत्तर: भक्तमाल कथा पूज्य श्री बिहारी दास जी भक्तमाली (शरणागत आश्रम, वृंदावन) द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।
❓ प्रश्न 5: श्री हरिवंश विशेष सत्र में क्या होगा?
उत्तर: श्रीहित हरिवंशचंद्र जू महाराज के पावन चरितामृत का वर्षण श्री स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
❓ प्रश्न 6: दर्शन का समय क्या रहेगा?
उत्तर: जन्मोत्सव के दिनों में प्रातःकाल से दर्शन उपलब्ध रहेंगे तथा निर्धारित समयानुसार पादुका पूजन का अवसर मिलेगा।
❓ प्रश्न 7: श्रद्धालुओं के लिए क्या विशेष निर्देश हैं?
उत्तर: जन्मोत्सव के दौरान भीड़ अधिक रहने की संभावना है, इसलिए दर्शन हेतु आश्रम के नियमों का पालन करें एवं टोकन व्यवस्था का सम्मान करें।
